मद्रास हाईकोर्ट के जज भारता चक्रवर्ती ने अपनी एक ऐतिहासिक टिप्पणी में कहा कि जाति का उन्मूलन ज़रूरी है। मंदिर के आयोजनों के निमंत्रणों में जाति का उल्लेख नहीं होना चाहिए। लेकिन दूसरी तरफ देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय जेएनयू की वाइस चांसलर का कहना है कि दलित हमेशा पीड़ित मानसिकता से ग्रसित रहते हैं। इसकी चारों तरफ़ आलोचना हो रही है।<br />#news #latestnews #newsanalysis #bebaakbhashashorts #shortsvideo #shortvideo #shorts #madrashighcourt #castediscrimination #jnu #jawaharlalnehruuniversity
